Wednesday, 10 January 2018

Wo din

वो दिन, वो लम्हे नकली थे,लेकिन अच्छे थे
वो झूठे थे लेकिन हम तो सच्चे थे
वो बातें बचकानी थी,लेकिन हम तो बच्चें थे
वो रिश्ते कच्चे थे लेकिन उन रिश्तों के किस्से सच्चे थे
वो मोहब्बत उनके लिए कहानी थी, जो हमारे लिए  ज़िंदगानी थी
वो नफरती रात का अंधेरा थे लेकिन हम तो प्यार का उजाला थे
वो  ठुकराते रहे ,लेकिन हम  मोहब्बत निभाते रहें
वो हमे सताते रहे लेकिन हम उन्हें उन्हें रहे
वो रुलाते रहे हमें, हम उनके चेहरे पर मुस्कान लाते रहे
वो हमसे दूर जाते रहे और हम अपनी साँसों से दूर होते रहे
वो हमें और हम खुद को गए
वो सिर्फ प्यार नहीं जान हमारी थे
वो दिन वो लम्हे नकली थे लेकिन अच्छे थे।

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https://youtu.be/WWleK6ZHnmg