Tuesday, 7 November 2017

डर-असली या नकली

अक्टूबर महीने के अंत में हर वर्ष एक शब्द काफी चर्चा में आ जाता है'Halloween night' ज्यादा विस्तार में न जाते हुए सिर्फ इतना बता देते हैं कि ये एक त्योहार है जो मेरी अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय देशों में 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। आयरलैंड और स्कॉटलैंड से शुरू होकर आज ये त्योहार ये प्रथा दुनियाँ भर में फैल गयी। खैर हम दुनिया भर की बात बाद में करेगे फिलहाल हम बात अपने देश की करते है। सच बोलूं तो मैंने ये शब्द पहली बार कुछ साल पहले ही सुना था..लेकिन इस Halloween night को लेकर लोगों मे खासकर teenagers और युवाओं में अच्छा खासा उत्साह देखनो को मिला उतना उत्साह जितना अब शायद होली-दीवली...जब अपने कुछ मॉडर्न दोस्तो से पूछा तो उन्होंने बताया कि इस रात को सब लोग भूतिया makeup करके एक दूसरे को डराते है,और इस Halloween night को एक event की तरह कई बड़े शहरों में अलग अलग जगह organise किया गया था जहाँ पर अच्छी खासी संख्या में लोगो ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और वो भी टिकट लेकर। मतलब झूठ-मूठ का डरने और डराने के लिए पैसे खर्च करना, ये वाकई सच में डरावना है..इससे अच्छा और इससे ज्यादा तो हम बचपन में दरवाज़े के पीछे छुपकर आते हुए किसी इंसान को 'भाऊ' कहकर डराने मे आता था, या फिर बचपन में ही मकड़ी फिल्म देखकर, आहट टीवी serial का म्यूजिक सुनकर कर लगने वाल डर। मज़ाक की बात और है लेकिन सोचने वाली बात ये है कि आज भी हमे पैसे देकर नकली डर खरीदनी की जरूरत हैं जबकि जहां  अपनी ज़िंदगी मे कदम-कदम पर किसी न किसी डर में जी रहे हैं ये डर किसी भी इंसान के पैदा होते ही शुरू हो जाता है
बच्चे के पैदा होते ही उसे तमाम बीमारियों का घेरना और इन बीमारियों का बच्चे पर बुरे असर के डर से ICU मे शिफ्ट करना।
ICU बच्चे के  घर आ जाने पर माँ-बाप बच्चे के पास माचिस की डिब्बी या लोहे की कोई चीज़ रख देते है ताकि बच्चा कही डर ना जाएं.. पता नहीं ये कौन सा डर है
बच्चा बड़ा हो जाए तो मनचाहे स्कूल में एडमिशन का डर
बोर्ड्स में अच्छे परसेंटेज का डर
स्कूलिंग के बाद college और carrer का डर
गर्लफ्रैंड के खर्चों का डर,अगर खर्चा नहीं किया तो गुस्सा होने का डर ,गुस्सा हो गई तो मनाने का डर,नहीं मानी तो ब्रेक अप का डर,और ब्रेक अप के बाद नई बनेगी या नही इसका डर 
नौकरी का डर और नौकरी के बाद प्रमोशन के डर
ऑफिस में बॉस का डर, घर मे पत्नी का डर
घर से बाहर निकलते हुए महिलाओं को अपनी सुरक्षा का डर
आम आदमी को महंगाई का डर
पेट्रोल के बढ़ते दामो का डर
बढ़ती बेरोजगारी कर डर, घटती नौकरियों का डर

लड़की की शादी में घर वालो को दहेज नाम के दानव का डर
शादीशुदा महिलाओ का अपने ज़ालिम पति से घरेलू हिंसा जा डर
कोरोना का डर, डेंगू का डर और अनेकों बीमारियों का डर
नेताओ को चुनाव मे हारने का डर, सरकार के खिलाफ बोलने के बाद का डर
आज कल की पत्रकारिता से लगने वाला डर
ट्रोल हो जाने का डर
किसी loacation पर मोबाइल सिग्नल जाने का डर
छुप कर सिगरेट पीने पर पकड़े जाने का डर
इसका डर, उसका डर फिर 
दुनियाभर के डर,फिर भी  पैसे देकर भूतिया मेक अप करके ,मुखोटे लगाकर नकली दर से सामना करने वालों के लिया तालियां। मतलब Halloween night पार्टी में जाने वाले लोगो के जीवन मे कोई डर ही नही है या वो सबसे निडर है तभी तो डर खरीद उन्हीने एक रात या फिर कुछ घंटों के लिए.. या शायद ये भी हो सकता है कि इन लोगो के जीवन में सबसे ज्यादा डर होगा इसीलिए अपने असली डर को छुपाने के लिए नकली डर से मुलाकात करने गए होंगे या फिर अपने असली डर को डराने के लिए नकली डर को सुपारी दी होगी।
कारण जो भी हो बात सिर्फ इतनी हैं कि "अपने डर को इतना डराओ की वो आपका साहस बन जाये.."।
और जाते एक बात बोले ,की जो मज़ा 'भऊ' चिल्लाकर डराने मे है वो किसी भी डर में नही हैं ना मानो तो करके देख लो'भऊ'


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https://youtu.be/WWleK6ZHnmg