Wednesday, 29 November 2017

Dhoondta hoon- ढूंढता हूँ

बेगानों सी दुनियाँ में अपनों को ढूंढता हूँ
सपनों में हकीकत ढूंढता हूँ
बेरंगी में रंग ढूंढता हूँ
कुछ मुझमें अधूरा हैं,जिसे पुरों में ढूंढता हूँ
वक़्त  में अपने लिए वक़्त ढूंढता हूं
सब कुछ में बहुत कुछ ढूंढता हूँ
हर पल में अपने लिए कुछ पल ढूंढता हूँ
किसी की साँसों में अपनी साँस ढूंढता हूँ
खोए हुए मे पाया ढूंढता हूँ
दूरियों में नजदीकियां ढूंढता हूँ
दगा में वफ़ा ढूंढता हूँ
नफ़रत में मोहब्बत ढूंढता हूँ
हर रास्ते मे मंज़िल ढूंढता हूँ
भीड़ में खुद को ढूंढता हूँ
कल में आज और आज में कल ढूंढता हूं
बैगानी सी दुनियां में अपनों को ढूंढता हूँ।

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https://youtu.be/WWleK6ZHnmg