Thursday, 21 December 2017

One GB data

अभी-अभी दो राज्यो में चुनाव हुए ,चुनाव के समय सभी राजनैतिक दल बड़े बड़े वादे करते हैं, वो वादे सिर्फ सुनने में बड़े होते है असल में नही। लेकिन सोचने वाली बात है कैसे वादे होते है ये...अगर हम सरकार में आये तो 1 GB डेटा स्टूडेंट्स को फ्री कॉलेज,यूनिवर्सिटी, पब्लिक प्लेस में फ्री wifi, मतलब यार हद है 1 जीबी डाटा जिसकी कीमत आज के दौर मे 5-6 रुपये से ज्यादा नही है, क्या 1 जीबी डाटा से स्टूडेंट्स का फ्यूचर/करियर बन जायेगा रोजगार नही लोगो के पास क्या इस 5 रुपये के डाटा से लोग अपने घर चलाएंगे, नौकरियां खत्म हो रही है नई नौकरियां आ नहीं रही है...कॉलेज और यूनिवर्सिटी में wifi जरूरी है मान लिया लेकिन शिक्षा का स्तर का क्या वो तो गिरता ही जा रहा है वो फ्री wifi से सुधर जाएगा कॉलेज में प्रोफेसर की कमी है अनुशासन खत्म हो रहा है, बहुत से छात्र ने जाने किस कारण अपनी पढ़ाई के बीच में ही आत्म हत्या कर लेते है इसके बारे मे क्या ,क्या ये हमारी शिक्षा व्यवस्था का दोष नहीं हैं,बस उल्टे सीधे फरमान जारी करना आता है अगर एक छात्र ने अपनी सहपाठी को गले लगा लिया तो दुनियां का सबसे बड़ा जुर्म हो गया उन्हें रेस्टीकेट कर दिया जाता है ,वाह जहां हम एक तरफ रैगिंग पूरी तरह से रोक नही पा रहे है वही दूसरी ओर ये सब ,एक स्कूल में 5 साल के बच्चे की हत्या नही रोक पाते है और गले लगाने पर रेस्टीकेट। स्कूल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी है,खासकर सरकारी स्कूलों में जहां समझ नही आता वहां बच्चे आते क्यों हो सिर्फ मिड डे मील के लिए, या फिर वहां उनसे छोटे छोटे मोटे काम भी करवा लिए जाते है। आज बच्चे को पूरी तरह बड़े होने से पहले ही इस कॉम्प्टेशन और carrier की आंधी दौड़ में बिना किसी तैयारी के दौड़ा दिया जाता है जहां सिर्फ जीत कुछ ही को नसीब होती है क्योंकि कुछ लोग तो खुद से ही हार जाते है...क्या मतलब है इस शिक्षा का जो बीच मे ही दम तोड़ दे ,जो अच्छे इंसान न बना सके ,जो अच्छे समाज का निर्माण न कर सके। क्या ये एक जीबी डेटा काफी है किसी के फ्यूचर और carrier के लिए क्या इससे उन्हें वो शिक्षा मिल जाएगी जो उन्हें एक अच्छा सम्मानित इंसान और सम्मानित समाज के निर्माण में मदद कर सके..क्या कोई ऐसा  वादा नही कर सकता की हम ऐसी व्यवस्था करेगे की किसी को फ्री एक जीबी डेटा की जरूरत नही पड़ेगी सब लोग स्वयं में सक्षम होंगे सब रोजगार होंगे सब सही मायने में शिक्षित होंगे... ये मुश्किल हो सकता है शायद लेकिन नामुमकिन नहीं...
वैसे एक जीबी डेटा की कीमत एक समय मे अच्छी खासी थी 200 रुपये के आसपास... खैर मज़ाक अलग है लेकिन ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है जो हर कोई अपने लिए एक क्या 100 जीबी डेटा भी खुद ही खरीद सके...
चलो पढ़ते है और आगे बढ़ते है।

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https://youtu.be/WWleK6ZHnmg