Monday, 5 February 2018

Itna pyar?

क्या सिर्फ प्यार हो जाना ही काफी हैं?, आख़िरकार ये प्यार है क्या? इसका उत्तर उतना आसान नही और ना  प्यार हो जाना और ना ही प्यार  का पता लगाना क्योंकि अक्सर हम प्यार न होते हुए भी प्यार होने की गलतफहमी में रहते है और इसी गलतफहमी में कुछ गलतियां भी कर देते हैं ।इसी प्यार ,गलतफहमी और गलतियों से संबंधित एक कहानी आपको बताना चाहता हूं।
ये कहानी हैं दो दोस्तों की रितिका और विशाल की, दोनों एक ही इंस्टिट्यूट में डिप्लोमा के स्टूडेंट् हैं और उनकी पहली मुलाकात भी यही हुई थी।
विशाल एक सीधा साधा लड़का है जो सिर्फ अपने कैरियर पर फ़ोकस करता है, वो मॉडर्न है लेकिन संस्कारी भी। विशाल के लिए फ़ैमिली, रिलेशन्स और मॉरल्स बहुत मायने रखते हैं।वही दूसरी ओर रितिका सिर्फ अपनी धुन में रहने वाली लड़की हैं ,रितिका विशाल से बिल्कुल अलग हैं वो बहुत ज्यादा मॉडर्न है और बोल्ड भी उसे किसी की भी रोकटोक फूटी आँख नहीं सुहाती। बियर ,सिगरेट, हुक्का, नाईट आउट उसकी लाइफ का एक अभिन्न अंग हैं।  विशाल रितिका से प्यार करता हैं लेकिन रितिका उसे सिर्फ अच्छा दोस्त मानती हैं।
 तो आइए देखते है कहाँ तक जाता हैं इनका प्यार या फिर इनकी दोस्ती या सिर्फ इनकी कहानी।
रितिका, विशाल और रिया(जो कि इन दोनो के साथ ही पढ़ती है और इन दोनो की म्यूच्यूअल फ्रेंड है) कैंटीन में बैठे हुए हैं तभी रिया बोलती हैं," यार पता ही नही चला कब पांच महीनों से ज्यादा का टाइम निकल गया कुछ दिनों बाद हम सब अलग हो जायेगे और अपने अपने करियर और जॉब्स में बिजी"।
विशाल- ," हां यार ऐसा नही लगता एक अलग ही लाइफ जी ली इन कुछ महीनों में"।
तभी रितिका विशाल की बात काटते हुए बोलती है," ओह्ह हेलो तुम लोगो का ये इमोशनल ड्रामा खत्म हो गया हो तो अब चले और वैसे भी जिसे मिलना होगा वो मिलेगा और वैसे मिलके करेगे भी क्या,"।
तभी रितिका के मोबाइल पर कॉल आता हैं वो दूर जाकर बात करती हैं और जब बात करके वापस आती हैं तो थोड़े गुस्से में होती है तो रिया उससे पूछती है ," क्या हुआ गुस्से में क्यों है"
रितिका जबाव देती हैं," वही यार एक्स ब्वॉयफ्रेंड के सियापे रो रहा हैं अब मिलने के लिए बोल रहा हैं",।
रिया रितिका से बोलती है,"तो तू क्या मिलेगी उससे?"
रितिका जबाव देती हैं," घंटा ब्रेक अप करने से पहले सोचना चाहिए था उसे"।
इतना कहकर वो तेज़ कदमों के साथ वहां से चल देती हैं तभी उसका पैर मुड़ जाता हैं और वो गिर जाती है तभी रिया और विशाल उसके पास जाते हैं वो उठ जाती है औऱ थोड़ा सा लंगड़ा कर चलने लगती है विशाल उसको बोलता है कि ,"चलो मैं तुम्हे घर छोड़ दू,"। लेकिन रितिका उल्टा जवाब दे देती है,"नो थैंक्स मैं चल सकती हूं और वैसे भी मैं घर नहीं जा रही फ़्रेंड्स के साथ नाईट आउट पर जाऊँगी मूड ऑफ है मेरा," इतना कहकर वो ऑटो करके चली जाती हैं । विशाल और रिया पैदल ही साथ चल रहे होते हैं तभी रिया विशाल की तरफ देखकर सवाल पूछती है," तू क्यों परेशान हो रहा हैं?"
विशाल रिया से ," यार रितिका की लाइफ में कब सब कुछ ठीक होगा,?
रिया," जब तक वो खुद नहीं चाहेंगी और तू क्यों टेंशन लेता है तेरे टेंशन लेने से कुछ नहीं होगा
विशाल उदास मन से रिया को बोलता है ,"मैं क्या करूँ उसके दिल में जगह बनाने के लिए मैं बहुत प्यार करता हूँ उससे।
रिया विशाल को समझाते हुए बोलती हैं,"देख तू एक कोशिश करके देख ले कि जैसे लड़के रितिका को पसंद हैं तो वैसा बन मतलब कूल dude टाइप का..." विशाल थोड़ा सोचता है फिर रिया उसको चलने के लिए बोलती है तो विशाल रिया को बोलता है कि वो एक बार रितिका को कॉल कर ले ।वो रितिका को कॉल करता है लेकिन रितिका कॉल पिक नही करती है और फिर रिया औऱ विशाल चले जाते हैं।
विशाल रितिका को रात में कई बार कॉल करता हैं लेकिन वो कॉल पिक नहीं करती और एक मैसेज कर देती हैं आई एम बिजी। विशाल सो जाता है।
अगले दिन विशाल कूल dude लुक में इंस्टिट्यूट पहुँचता हैं ।रितिका उसको देखकर हंसती और बोलती है ,"ये क्या करके आये हो और बालों को क्या इलेक्ट्रिक शॉक लगा हैं।
विशाल धीरे से जबाव देता हैं नही शॉक नही लगा किसी के लिए चेंज किया है लुक शायद किसी को पसंद आये,।
रितिका हंसते हुए जबाव देती हैं,"किसी को अगर पसंद करना होगा तो ऐसे ही कर लेगा बिना किसी चैंज के,"।
इतना कहकर रितिका वहां से चली जाती हैं...धीरे धीरे दिन गुजरते रहते हैं डिप्लोमा खत्म होने में अब सिर्फ कुछ दिन बाकी थे रितिका और विशाल मिलते है बातें करते हैं विशाल बार बार अपनी फीलिंग्स रितिका के सामने रखता हैं
एक रात विशाल रितिका को कॉल करता है लेकिन रीतिका अपने फ़्रेंड्स के साथ पार्टी में बिजी हैं और वो विशाल की कॉल्स पर रिस्पांड नही करती है..विशाल बहुत बार कॉल करता हैं फिर वो सो जाता है और सुबह उठते ही रितिका को फिर से कॉल करता हैं रितिका कॉल recieve करती है और irritate होकर बोलती है,"बोलो क्या आफत आ गयी सुबह सुबह,यार मैंने पहले भी तुम्हे बोला है कि मैं बच्ची नही हूँ तो प्लीज मेरी माँ मत बना करो दोस्त हो दोस्त की तरह रहो,और यार तुम्हारा फिर से वही प्यार मुझे तुम्हारी फीलिंग्स के सियापे ही समझ नही आते दो दिन बचे है उसके बाद कोर्स खत्म तुम अपने रास्ते और में अपने रास्ते ...चलो byeee... इंस्टीट्यूट में मिलती हूँ,इतना कहकर वो कॉल दिसकनेक्ट कर देती है।
रिया और विशाल कैंटीन में बैठे है विशाल का मूड ऑफ है और रिया के बहुत पूछने पर इतना ही कहता है कि परसो हमारा लास्ट दिन है और फिर कुछ दिन बाद में इस शहर से भी चल जाऊँगा लेकिन जाने से पहले रितिका को कुछ देकर जरूर जाऊँगा। रिया उससे पुछती हैं कि क्या देकर जाएगा ।तभी रितिका वहां आ जाती है और रितिका के आते ही विशाल वहां से चला जाता हैं रितिका विशाल के चले जाने पर रिया को बोलती हैं,"इसे क्या हुआ कॉन्सटिपेशन,"।
रिया रितिका को चुप करते हुए उससे पुछती है उसकी और विशाल की क्या बात हुई तो रितिका बताती है ,"कुछ नही बस आज सुबह मैंने उसकी फीलिंग्स का फोल्डर डिलीट कर दिया"।
रिया थोड़े गुस्से में रितिका को बोलती हैं,"तू पागल है वो प्यार करता है थोड़ी तो रेस्पेक्ट किया कर उसकी"।
रितिका उठकर बोलती है,"listen बहुत रेस्पेक्ट करती हूं मैं विशाल की और जितनी मैं विशाल के लिए इम्पॉर्टेन्ट हूँ उतना ही विशाल मेरे लिए इससे ज्यादा मुझे कुछ नही कहना"। और इतना कहकर रितिका वहां से चली जाती है।
कोर्स खत्म हो चुका है कल विशाल अपने घर वापस जा रहा है जाने से पहले उसने रितिका को अपने घर उसे मिलने बुलाया है और रितिका ने हाँ भी कर दी है।
रितिका उसके घर पहुँचती हैं रितिका जैसे ही रूम में एंटर होती है विशाल आता है पीछे से और बोलता हैं, वेलकम रितिका' और उसकी कमर में हाथ डाल लेता है रितिका हाथ हटाती है और उसको बोलती है," ये क्या हरकत है"
विशाल हंसते हुए," अरे हरकत कहाँ है ये तो तुम्हारी पसंद है ।आज मैं तुम्हारी माँ नहीं बनूगा " विशाल रितिका के करीब आकार कभी उसका हाथ पकड़ता कभी उसकी गर्दन पर हाथ फेरता और अजीब शब्द बोलता,"फीलिंग्स नही आती न तुम्हे अब आ रही है  ।वो रितिका को बिस्तर पर धक्का दे देता है और उसके बहुत क्लोज़ जाकर बोलता है जब लड़के तुम्हारे जिस्म को टच करे फीलिंग्स तुम्हे तभी फीलिंग्स आती है ।एक काम करता हूँ आज के चाकू लाकर तुम्हारे सीने में छेद करके फीलिंग्स भर देता है हु तुम्हरी फ़ीलिंग न हो गयी मौसम हो गया कोई लड़का देखा तो he is too hot, too cool, और में क्या autumn..."रितिका डरी हुई है औऱ वो विशाल को समझाने की कोशिश करती हैं लेकिन आज विशाल शायद सिर्फ पाने के लिए लड़ रहा हैं आज वो दिल नही दिमाग से सोच रहा हैं औऱ शायद रितिका उसके लिए सिर्फ शरीर मात्र है आज ...बहुत कुछ बोलने के बाद विशाल वहां से ये कह कर चला जाता हैं कि,"रितिका तुम जैसी लड़की कभी किसी की नहीं हो सकती सिर्फ अपनी खुशियों में खुश रहती हो तुम ...अच्छा हुआ जो तुम जैसी लड़की मेरी ज़िंदगी में नही आई...वो चला जाता हैं। ...
रितिका जमीन पर बैठ जाती है और रोते रोते बोल रही हैं ,"विशाल तुमने कभी प्यार को समझ ही नही तुमने सिर्फ पाने को ही प्यार समझा, मैं भी तुमसे प्यार करती हूं लेकिन मैं तुम्हारी लाइफ में आकर तुम्हारी ज़िंदगी नही ख़राब करना चाहती थी, तुम बहुत अच्छे हो विशाल और मैं कैसी हूँ ये सब जानते है मैं तुम्हे deserve नही करती हूं, तुम मुझसे प्यार करते थे इस लिए मेरे पास आना चाहते थे लेकिन में तुमसे प्यार करती थी इसीलिए तुमसे दूर रही...I love you vishal।
विशाल तो चला गया लेकिन कई सवाल छोड़ गया जैसे क्या सिर्फ प्यार हो जाना ही काफी हैं ?शायद नहीं । क्योंकि प्यार को समझना प्यार करने से ज्यादा जरूरी हैं और शायद कभी कभी प्यार करने के लिए प्यार छोड़ना ही पड़ता है जैसे रितिका ने अपना प्यार छोड़ा।लेकिन अगर विशाल ने अपनी फीलिंग्स को किनारे रखकर सिर्फ एक दोस्त की तरह रितिका को समझा और समझाया होता तो शायद scene कुछ और हो सकता था ।तो बस बात इतनी है प्यार करने से पहले प्यार समझो क्योंकि अगर प्यार समझ गए और अपने प्यार को भी प्यार समझा दिया तो प्यार अधूरा होकर भी मुकम्मल हो ही जायेगा।

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